अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटीNews 

यूनिवर्सिटी में फिर से उठा विरोध का सुर दो को किया गया सस्पेंड

यूपी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में इस समय विरोध के सुर उठ गया है ।  यह विरोध के सुर आजादी के नारे के रूप में लगाया जा रहे हैं ।  यह नारे कश्मीर मुठभेड़ में मारे गए आतंकी मन्नान वानी के लिए है मन्नान वानी  अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का ही एक रिसर्च स्कॉलर था जो बीच में पढ़ाई छोड़कर आतंकवादी बन गया था । आजादी के नारे लगाने की वजह से अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के रिसर्च स्कॉलर और कई कश्मीरी छात्रों के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया गया है ।
गौरतलब है कि मन्नान वानी  के आतंकी मुठभेड़ में जम्मू कश्मीर में मारे जाने के बाद अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी  के कैनेडी हॉल में लगभग  20 छात्रों का एक समूह एकत्रित हुआ ।  उन्होंने मन्नान वानी के मौत के बाद उनके लिए नमाज पढ़ने शुरू की  ।
20 छात्रों का समूह विश्वविद्यालय के नियम का उल्लंघन करते हुए गैरकानूनी तरीके से विश्वविद्यालय के अंदर मन्नान वानी के समर्थन में एक सभा बुलाई और इसके पश्चात उन्होंने मन्नान वानी के लिए आजादी के नारे लगाए ।  इस मामले को लेकर यूनिवर्सिटी के प्रवक्ता शफी कीदवई ने बताया कि यह एक बेहद गंभीर मामला है । इस मामले की जांच के लिए हमने 3 सदस्य कमेटी भी बनाई है और आने वाले लगभग 72 घंटों में इसकी रिपोर्ट सौंप दी जाएगी ।
 इस मामले की गंभीरता को लेते हुए वहां के सांसद सतीश गौतम अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर तारिक मनसूर को एक पत्र लिखा है । इस पत्र में उन्होंने उल्लेखित किया है कि एक बार विश्वविद्यालय के छात्रावासों और विश्वविद्यालय के परिसर को गहनता पूर्वक तलाशी ली जाए । अपने पत्र में उल्लेख किया  है कि अगर विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर तारीख मनसूर अपने पद की गरिमा को नहीं निभा पा रहे हैं । वह अगर छात्रों को नियंत्रित नहीं कर पा रहे हैं तो उन्हें तुरंत ही इस्तीफा दे देना चाहिए ।
गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर के हंदवाड़ा में एक आतंकी मुठभेड़ में मन्नान वानी नाम का एक आतंकवादी मारा गया । मन्नान वानी का संबंध अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से भी था । वह अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में भूगर्भ विज्ञान में पीएचडी कर रहा था । इसके बाद वह पढ़ाई छोड़कर आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के साथ शामिल हो गया ।

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